जानिए क्या है मोमो चैलेंज

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अगर आप इंटरनेट पर एक्टिव है तो आपने मोमो चैलेंज का नाम भी जरूर सुना होगा मोमो चैलेंज एक इंटरनेट गेम है जो की ये अर्जेंटीना, मैक्सिको, अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में तेजी से फैल रहा है जो बच्चों को सुसाइड के लिए उकसा रहा है। मोमो चैलेंज कहां से आया और इसे किसने बनाया है, इस बारे में अभी कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी है।ब्लू व्हेल की तरह ये भी लोगो को सुसाइड के लिए उकसाने का काम कर रहा है, जो की व्हाट्सप्प के द्वारा लोगो को सुसाइड करने पर मजबूर कर रहा है |

क्या है मोमो चैलेंज- दरअसल, सोशल मीडिया पर एक व्हाट्सप्प नंबर वायरल हो रहा है जिसे मोमो चैलेंज बताया जा रहा है। इस नंबर का एरिया कोड जापान का है। दावा किया जा रहा है जो भी इन नंबर से बात करता है, वो सुसाइड करने के लिए मजबूर हो जाता है कहा जा रहा है कि मोमो चैलेंज भी ब्लू व्हेल गेम की तरह ही है और ये भी लोगों को सुसाइड के लिए उकसा रहा है। एक १८ वर्षीय लड़की के सुसाइड वीडियो आने के बाद ये चैलेंज चर्चा में आया पुलिस को शक है कि उसे ऐसा करने के लिए उकसाया गया है और एक 18 साल के युवक की तलाश की जा रही है जो उस बच्ची के संपर्क में था।पुलिस का कहना है कि उस युवक की तलाश के लिए बच्ची के मोबाइल को हैक किया गया है और दोनों के बीच जो भी चैट हुई है, उसे निकाला जा रहा है।पुलिस का मानना है कि मोमो चैलेंज को पूरा करने के लिए बच्ची को अपना सुसाइड वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने को कहा गया होगा।

कैसे काम करता है ये-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे पहले यूजर्स को अज्ञात नंबर पर मैसेज करने का चैलेंज दिया जाता है।नंबर सेव करने के बाद इस नंबर से बात करने का चैलेंज दिया जाता है। मैसेज करते ही इस नंबर से यूजर को कई डरावनी तस्वीरें भेजी जाती हैं।इसके बाद यूजर को कुछ टास्क दिए जाते हैं, जिन्हें नहीं करने पर धमकाया भी जाता है, और अंततः यूजर सुसाइड करने पर मजबूर हो जाता है | इसलिए जरुरी है की समस्या ब्लू व्हेल की तरह गंभीर हो जाए उससे पहले इसपे ध्यान दिया जाए | इस तरह के गेम ८ वर्ष से १८ वर्ष के बच्चो को ज्यादा प्रभावित करते है, क्योंकि उनकी मनोदशा काफी कमजोर होती है |

इस चैलेंज से बच्चों को ऐसे बचाएंभारत में मोमो चैलेंज फिलहाल नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए ये फैल भी सकता है। अगर बच्चा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता है तो उसपर नजर रखें। बच्चों को समझाएं कि किसी भी अज्ञात नंबर से मैसेज आए तो उससे बात न करें। अगर बच्चे के बिहेवियर में कुछ भी बदलाव आता है, उसकी रोजाना एक्टिविटी में बड़ा बदलाव दिखता है, जैसे- वह अपने में खोया रहता है, शांत रहता है, अचानक से खाना-पीना छोड़ देता है तो मनोरोग विशेषज्ञ की मदद लें।’

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