तनाव दूर करने के तरीके

आज के दौर में चारो और भागमभाग मची हुई है हर काम में खुद को दुसरो से बेहतर साबित करने की होड़ नतीजा है तनाव एक रिसर्च के मुताबिक दुनिआ की आधी आबादी तनाव की शिकार है नतीजतन २०२० तक तनाव भारत में सबसे बड़ी बीमारी का रूप ले लेगा तनाव शरीर की वह स्थिति होती है जब हमारी लाइफ में अचानक कोई बदलाव हो जाता है जिससे हमारे शरीर में भावनात्मक और शारीरिक प्रतिक्रिया होती है. जब हमारे मस्तिष्क को अच्छी तरह से आराम नहीं मिल पाता है तो हमारा माइंड थक जाता है और थका हुआ माइंड हमें स्ट्रेच की ओर ले जाता है.

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इस कारण से यह तनाव हमारे शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक कार्यप्रणाली को गड़बड़ा देती है और हमारे कई हार्मोन्स को बढ़ा देते है. तनाव के अधिक बढ़ जाने से व्यक्ति डिप्रेशन में चले जाता है |

तनाव के लक्षण वैसे तो तनाव के बहुत से लक्षण है पर उनमे से कुछ खास लक्षणों पर अगर समय रहते ध्यान दिया जाए तो पीड़ित की मदद की जा सकती है, समय रहते अगर इसका उपाय न ढूंढा गया तो व्यक्ति मौत की कगार तक भी पहुंच जाता है आइये बात करते है ऐसे ही कुछ खास लक्षणों की जो तनाव के लिए जिम्मेदार है |

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  • नींद का गायब रहना.
  • पाचन क्रिया का धीमा हो जाना.
  • रक्त संचार का ठीक न होना.
  • वजन घट जाना.
  • दिल का तेजी से धड़कते रहना.
  • अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ जाना
  • थकान महसूस करना.
  • मन का उदास रहना.
  • सांसे अचानक तेज होना.

तनाव के प्रमुख कारण- बदलती दिनचर्या भागदौड़, दुसरो से आगे निकलने की होड़ तनाव का कारण बनती है, आज छोटे से बच्चे से लेकर बुजुर्गो तक हर वर्ग के लोगो में तनाव पाया जा रहा है छोटे बच्चो में पढाई को लेकर तनाव युवाओ को कॅरिअर को लेकर तनाव,रिश्तो में तनाव

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  •  कर्ज का होना.
  • पैसो की तंगी होना.
  • अपने जीवन से संतुष्ट न हो पाना.
  • किसी चीज के अपेक्षा रखना.
  • सपनो का पूरा न हो पाना.
  • परीक्षा में फ़ैल हो जाना.
  • नौकरी न लग पाना.
  • रिश्तो में कड़वाहट होना
  • वैवाहिक जीवन में परेशानी होना.
  • किसी काम को पूरा करने के लिए समय का अभाव होना.
  • किसी गंभीर बीमारी का होना.
  • आर्थिक समस्याएं ठीक न होना.
  • परिवार में समस्याएँ होना.
  • नौकरी का अचानक बदल जाना या नौकरी से निकाल देना.
  • बच्चो की फ़िक्र रहना.
  • अपने नजदीकी रिश्तो में किसी की मृत्यु हो जाना.

तनाव दूर करने उपाय- अगर तनाव को सही समय पर पहचान लिया जाए तो उससे निकलने का उपाय किया जा सकता है यहाँ पर आपको तनाव से निकलने के तरीके बताये जा रहे है. आप तनाव से निकलने के लिए इन्हें अपनाना शुरू करे.

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सही लाइफ स्टाइल चुने- अपनी लाइफ स्टाइल को सही करके भी तनाव को दूर किया जा सकता है, सही समय पर उठे,व्यायाम करे,खुद को समय दे,पौष्टिक आहार ले एवं खुद के लिए समय निकाले अगर परेशानी हो तो किसी योगा ट्रेनर और डाइटिसिअन की सहायता ले योग और ध्यान  की सहायता से तनाव से  मुक्ति पाई जा सकती है|

समय का सदुपयोग सीखे- आज के भागमभाग वाले समय में यह बहुत जरुरी है की आप अपने दिनभर के कार्यो की सूची बनाये और सबसे पहले जरुरी कार्यो को पूरा करे. जरुरी कार्यो को टाले नहीं अन्यथा वे बाद में तनाव का कारण बनेंगे. आप अपने उन कार्यो को दिन में पूरा करने की सोचे जो आपके लिए बहुत जरुरी है. अपने समय को व्यर्थ में न गवाएँ |

स्वयं के लिए समय निकाले इतने भागदौड़ के बीच में भी स्वयं के लिए समय निकालना अत्यंत आवश्यक है, अपनी रुचियों को पहचानिये दिन भर में कुछ समय अपने लिए अपने सौख को पूरा करने के लिए निकालिए दोस्तों के साथ फिल्मे देखिये घूमिये बाते कीजिये यकीं मानिये तनाव से मुक्ति पाने का इससे कारगर उपाय कोई नहीं है |

विचारो में सकारात्मकता लाए- एक अच्छी सोच आपको जीवन के हर दुःख से लड़ने की ताकत देती है,जीवन में कितनी ही विषम परिस्थिति क्यों न आ जाए खुद पर नकारत्मकता कभी हावी न होने दे,एक रिसर्च के अनुसार अगर एक व्यक्ति रात को किसी पॉजिटिव सोच के साथ सोता है तो उसका अगला दिन तनावरहित होता है |

जब भी परेशानी आए तो ये न सोचे की मै ही क्यों बल्कि खुद को इतना मजबूत बनाए की हर मुश्किल छोटी लगने लगे |

  • मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए स्वयं को व्यस्त रखना भी एक उत्तम उपाय है। क्योंकि यदि आप व्यस्त रहते हैं, तो बेकार की चीजों में मन का भटकाव नहीं होगा और काफी सकून से रहेंगे।
  • नियमित और संयमित जीवनशैली को अपनाने से तनाव पैदा नहीं होता है।
  • अपने कार्यस्थल, बेडरूम में ताजे और सुगंधित पुष्प और तांबे का पिरामिड रखने से भी मन प्रसन्न रहता है।
  • खूब दिल खोलकर हंसें। हंसी-मजाक करने की प्रवृत्ति बनाएं।
  • अपने को कमजोर न स्वीकारें।
  • अपना आत्मविश्वास बढ़ाएं।
  • अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना सीखें।
  • पैदल घूमने जाएं।
  • एकांत में प्रार्थना करें।
  • दिन भर के कामों के बाद मनोरंजन और आराम करने के लिए भी समय निकालें।
  • अपने चहरे पर सदैव एक सौम्य-सी मुस्कान रखें।
  • हमेशा ऐसी बात ही सोचें जो आपको अच्छी लगे।
  • सकारात्मक सोच के पक्षधर बनें।
  • कभी किसी से ज्यादा अपेक्षाएं न करें। जो मिल जाए वही सर्वोत्तम समझें।
  • स्वयं को दूसरे के अनुरूप बनाने का प्रयास न करें। अपनी पहचान अलग बनाए।
  • जब भी झगड़ा होने लगे, मुस्कराते जाइए, गुस्सा तुरंत शांत हो जाएगा।
  • ज्यादा गुस्सा आने पर एक से दस तक गिनती करें | इससे आपका ध्यान तेज गुस्से से हट जायेगा |
  • हमेशा जिंदादिल व्यक्तियों की संगत में रहें और खिल-खिलाते रहें।
  • यदि कोई आपकी परवाह न करे तो इसी चिंता में खुद को डुबोए न रखें। आगे बढ़ने के प्रयास करें।
  • भूतकाल में क्या हुआ, भविष्य में क्या होगा, इस चिंता में अपना वक्त बर्बाद न करें। वर्तमान में जिएं।
  • छोटी-छोटी बातों से खुश होना सीखें।
  • विकट परिस्थितियों में भी अपना मानसिक संतुलन बनाए रखें।
  • त्याग करना सीखें। त्याग से ही आत्मसंतुष्टि प्राप्त होती है।
  • अपना स्वर और स्वभाव अधिक-से-अधिक मधुर और विनोद-प्रिय बनाने का प्रयास करें।
  • स्वयं को विनोद-प्रिय बनाएं तथा जीवन में हास्य रंग अपनाएं।
  • कभी भी प्रशंसा के पीछे न भागें क्योंकि उम्मीद पूरी न होने से हताशा उत्पन्न होती है जो तनाव का कारण बनती है ।
  • अपनी हर गलती से, भूल से एक नया सबक सीखें।
  • मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए कभी-कभी खुद में या ‘रूटीनवर्क में कुछ परिवर्तन भी करें।
  • अपने पुराने दोस्तों को भी याद किया करें। उनसे संपर्क भी बनाए रखें।
  • किसी के काम में या जीवन में दखल न देने की आदत डालें।
  • मानसिक तनाव से मुक्ति पाने और अपने आप को सांत्वना देने के लिए अपने दुख व कष्टों को, दूसरों के मुकाबले छोटा व कम ही समझने का प्रयास करें। डिप्रेशन अवसाद के कारण, शुरुआती लक्षण तथा बचाव के उपाय
  • प्रकृति ने, सृष्टिकर्ता ने आपको जैसा भी बनाया है, ठीक बनाया है, ऐसा सोचें और हर हाल में खुश रहना सीखें।

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