जिंदगी में खुश रहने के तरीके

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को खुश रख पाना भी बहुत मुश्किल है चारो और तनाव और और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते व्यक्ति तनावग्रस्त हो रहा है एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर चौथा व्यक्ति तनाव से ग्रसित है, और जब लोग ऐसा दबाव सहन नहीं कर पाते तो आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते है , क्या सच में खुद को खुश रख पाना इतना ज्यादा मुश्किल है ? खुश रहने हर उस व्यक्ति का अधिकार है जो इस दुनिआ में आया है लेकिन हम लोगो ने अपना जीवन ऐसा बना लिया है की ख़ुशी तो दूर दूर तक दिखाई नहीं देती |

happiness

आपका इस ब्लॉग को पढ़ना ही ये बताता है की आपको ख़ुशी की तलाश है,खुशिया पाना इतना कठिन तो नहीं हमारे चारो और खुशिया ही खुशिया है जरुरत है उसे पहचानने की, अगर ख़ुशी हमारे पास नहीं आ सकती तो हम तो उसके पास जा सकते है न ?? आज बात करते है ऐसे ही कुछ मूलमत्रों की जो खुशिया प्रदान करने में अहम् भूमिका निभाते है |

दुसरो से उम्मीदे ना रखे- किसी दूसरे को अपनी जिंदगी की खुशियों की बागडोर कभी मत दीजिये कि वो जब चाहे आपकी खुशिया छीन ले अपनी खुशियों कि जिम्मेदारी आपकी खुद कि है इसलिए अपने आप को खुश रखने के तरीके आपको खुद ढूंढने होंगे, और उसके लिए सबसे पहले लोगो से उम्मीदे रखना छोडना होगा जितनी ज्यादा उम्मीदे होंगी टूटने पर उतना ही ज्यादा दर्द देंगी इसलिए चाहे वो कोई भी हो आपके माता पिता ,आपके भाई बहिन आपका लाइफ पार्टनर या आपके दोस्त उम्मीदे मत रखिये |

अपने लिए समय निकाले- खासकर महिलाओ में ये आदत ज्यादा होती है कि वो हमेशा अपने परिवार के लिए जीती है खुद के लिए कुछ सोचने का समय भी नहीं होता उनके पास पूरा दिन घर कि जिम्मेदारियों में निकालने के बाद भी वो अगले दिन के कार्यो कि लिस्ट लेकर सोने जाती है ऐसे में तनाव होना आम है, उन्हें चाहिए घर के कामो के साथ साथ दिन में थोड़ा समय वो खुद के लिए भी निकाले सजे संवरे अपनी रुचियों को समय दे शॉपिंग करे पार्लर जाए ये बात पुरुषो पर भी लागु होती है दफ्तर से छुट्टी ले घूमने जाए दोस्तों के साथ समय बिताए परिवार और बच्चो को समय दे इस तरह खुशिया आपका दामन कभी नहीं छोड़ेंगी |

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हताश ना हो – प्रायः देखा जाता है हमे किसी कार्य में सफलता ना मिले तो हम हताश होकर बैठ जाते है हंसना छोड़ देते है,कुछ तो जीना भी छोड़ देते है | ऐसे में ये समझना जरुरी है जिंदगी में आप अकेले नहीं है जिसे कोई असफलता हाथ लगी है कुछ ने इसे अपनी ताक़त बनाया अपनी गलतियों को सुधारा और ऊँचे मुकाम पर पहुंचे और इनमे से कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने हार के वो कार्य छोड़ दिया या जीना ही छोड़ दिया अब ये आप पर है कि आप किसी कार्य को अपनी हार मानकर उदासी कि वजह बनते है या उसे अपनी ताक़त बना कर खुशियों का रास्ता ढूंढते है |

प्रेरणा ले –जिस व्यक्ति का काम अच्छा लगे उससे प्रेरणा लें। अखबार के अलावा किताबें पढ़ने की आदत डालें।हर व्यक्ति में अच्छी और बुरी बातें होती है आप उसमें क्या देखते हैं और क्या सीखते हैं यह आप पर ही तो निर्भर करता है। हर व्यक्ति की अच्छी बातें सीखने और आत्मसात करने का प्रयास कीजिए ना कि उनकी बुराइयों का हम दुसरो को नहीं बदल सकते पर खुद में बदलाव लाना तो हमारे हाथ में है, अगर सामने वाला आपको आपकी बातो को नहीं समझता तो उनकी वजह से दुखी होने कि जगह आप खुद को बदल लीजिये वो आपको नहीं समझ रहा ये बात आप समझ लीजिये कोई उम्मीद रखके दुखी होने कि जगह साडी उम्मीदे छोड़ के खुश हो जाइये |

समाधान के बारे में सोचे ना कि समस्या के बारे में – जब कभी भी कोई मुश्किल आए कोई घटना आपके सामने घटित हो तो हमेशा उसके समाधान के बारे में सोचे ना ही समस्या के बारे में किसी भी परेशानी से निकलने का उपाय ढूंढने कि जगह अगर आप समस्या को देख कर दुखी होंगे तो ना समाधान निकलेगा ना खुश रह पाएंगे इसलिए जरुरी है समाधान का सोचे ना कि समस्या का ये खुशियों का मूलमंत्र भी है |

कुछ और तरीको से खुश रहा जा सकता है जैसे-

khushi

  • संगीत सुने ये आपके तनाव को काम कर खुश रखने का काम करता है |
  • पौधे लगाए ये अच्छा वातावरण प्रदान कर आपको खुश रखेंगे |
  • किसी छोटे बच्चे को खिलाए उनकी हसी आपकी साडी परेशानिया दूर कर देगी |
  • कोई पालतू जानवर पाले उसे घुमाए उसके साथ वक़्त बिताए अच्छा महसूस करेंगे |
  • जो कुछ भी परेशानिया है एक डायरी में लिख ले या किसी अपने के साथ शेयर करे हल्कापन महसूस होगा |
  • दोस्तों के साथ घूमने जाए ,शोपिंग करे, मूवी देखे खुद बा खुद अच्छा लगेगा |     

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