सफलता का मूलमंत्र | How to become successful in hindi

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दुनिया का हर व्यक्ति सफल होने की इच्छा रखता है पर सफलता कुछ खास लोगो को ही नसीब होती है | क्या आप जानते है दुनिया में सफल लोगो की तादाद असफल लोगो की अपेक्षा बहुत कम है | कई बार व्यक्ति अपनी असफलता से हार कर मौत को गले लगा लेता है और जो असफलता को सफलता में परिवर्तित कर देता है वो इतिहास रच देता है | ऐसे कई उदाहरण है जैसे डॉ ऐ पी जे अब्दुल कलाम , बराक ओबामा | आज बात करते है उन खास बातो पे जो किसी इंसान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है |

  • कभी हार न मानना – ऐसे लोग असफलता को अपने ऊपर हावी नहीं होने देते, एक बार असफल होने के बाद वो दुगनी ताक़त से अपने कार्य को अंजाम देने में लग जाते है, कहते है नकोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होतीऔर अपनी इन्ही कोशिशों से असफलता को सफलता में परिवर्तित कर देते है |

 

 

  • जोखिम लेना जीवन में बिना जोखिम लिए कोई कार्य पूरा नहीं किया जा सकता इसलिए सफलता का स्वाद चखने के लिए जोखिम लेना आवश्यक है | उदाहरण के लिए व्हाट्सप्प के निर्माता को ही देख ले, लगातार मिलने वाली असफलता और आर्थिक तंगी को अपने ऊपर हावी न होने देकर, उन्होंने दोस्तों से उधार लेकर पुनः अपने कार्य को अंजाम दिया और नतीजा आपके सामने है व्हाट्सप्प दुनिआ में चैटिंग के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाली ऐप है |

  • अपने मन की सुनना – जब भी आप कुछ अच्छा करने की चाह रखते है, तो पूरी दुनिया को अपने विरुद्ध खड़ा पाते है  | लोग आपको तरह-तरह की सलाह देकर आपके कर्त्तव्य में बाधा भी उत्पन्न करते है| कई तरह की बातें जैसे आपसे ये नहीं होगा, ये करके आपको कुछ नहीं मिलेगा, सेफ लाइफ सिलेक्ट करे, ऐसी बाते आपने जरूर सुनी होंगी, पर अगर आपका मन कहता है, आप ये कर सकते है तो उसे जरूर करिये | अगर मैरी कॉम ने लोगो की बातें सुनकर बॉक्सिंग का सपना छोड़ दिया होता या सनिया मिर्ज़ा ने लोगो के ताने सुनकर खेलना छोड़ दिया होता तो भारत इतने मैडल नहीं जीत पाता |

  • बदलाव को अपनाना आमतौर पर व्यक्ति को कार्यक्षेत्र में बहुत से बदलाव का सामना करना पड़ता है, जरुरी नहीं की हर बार परिस्थिति आपके अनुकूल ही हो, तो इस तरह के बदलावो से प्रभवित हुए बगैर जो व्यक्ति अपने काम को पूरी ईमानदारी से करता है सफलता उसके कदम चूमती है | इसलिए बदलाव का ड़र अपने मन से निकाल के अपनी काबिलियत पर भरोसा करना चाहिए |

  • अपने आप पे भरोसा किसी भी कार्य को सफलता पूर्वक करने के लिए खुद पर भरोसा होना बहुत जरुरी है | अगर आपने मान लिया की ये काम आप कर सकते है, तो फिर चाहे कैसी ही परिस्थिति क्यों न आ जाए आप उसका हल निकल ही लेंगे, पर अगर काम की शुरुवात से पहले ही ये मान लिया की आपसे नहीं हो पाएगा, आप नहीं कर सकते तो काम चाहे कितना ही आसान हो आप नहीं कर पाएंगे इसलिए खुद पर भरोसा होना बहुत आवश्यक है |

आत्मविश्वास और अतिआत्मविश्वास में थोड़ा ही फर्क है आत्मविश्वास इंसान को सफल बनाता है और अतिआत्मविश्वास इंसान के पतन का काऱण बनता है |

कोई भी काम मै कर सकता हूँ आत्मविश्वास को दिखाता है |

ये सिर्फ मै ही कर सकता हूँ अतिआत्मविश्वास का रूप है |

  • किस्मत को न कोसना सफल व्यक्ति का सबसे महत्वपूर्ण लक्षण है की वो अपनी हार के लिए अपनी किस्मत को नहीं कोसते, बल्कि उसे अपनी मेहनत में चूक मानकर दोबारा प्रयास करते है जबकि असफल व्यक्ति हमेशा अपनी हार का जिम्मेदार अपनी किस्मत को मानते है, हमेशा नकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति कभी सफल हो ही नहीं सकता |

  • दुसरो पर आश्रित न होना सफल व्यक्ति कभी भी अपने काम के लिए दुसरो पे आश्रित नहीं रहता, वो अपना काम खुद करने या अपनी निगरानी में करवाने में यकींन रखता है| जबकि जो व्यक्ति हर काम के लिए दुसरो पर आश्रित रहे या मेहनत करने से जी चुराए वो कभी सफल हो ही नहीं सकता |

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