बढ़ती अराजकता का कारण कहीं चुनाव तो नहीं??

हाल ही में देखने में आ रहा है अपराधों में अचानक वृद्धि हो गई है, हमारा मध्य प्रदेश जिसे शांति का टापू कहा जाता है जहाँ विभिन्न धर्मो को मानने वाले लोग आपसी प्यार और भाईचारे के साथ रहते है अचानक यहाँ बढ़ते अपराध के मामले इसी और इशारा कर रहे है पिछले कुछ दिनों में देखा गया की महिलाओ से जुड़े अपराधों में अचानक वृद्धि आ गई हाल ही में विपक्षी नेता का बयान भी देखा गया की मध्यप्रदेश को जनता बलात्कार प्रदेश कहने लगी है ऐसे में ये बाते सोचने पर मजबूर करती है की क्या सच में हमारे प्रदेश में कानून व्यवस्था इतनी कमजोर है या हमारा प्रदेश किसी साजिश का शिकार तो नहीं |

Mr_CM

ये गहरे चिंतन का विषय है की क्या सच में सरकार अपनी नीतियों पर नाकाम साबित हुई है या किसी षड़यंत्र का शिकार हुई है | हो सकता है ये मेरा वहम हो पर आज बात करते है ऐसी ही कुछ घटनाओ के बारे में जो इस और इशारा कर रही है |

  • महिलाओ के खिलाफ बढ़ते अपराध– हमारी वर्तमान सरकार और हमारे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की बेटियों के हित में कार्य करने के लिए सदैव प्रयासरत रहे है | बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अनतरगर्त उनके द्वारा किए प्रयासों के बारे में पूरी दुनिआ वाकिफ है इसी के तर्ज पर केंद्र सरकार ने भी इस योजना की शुरुवात की | मध्यप्रदेश में बेटियों की सुरक्षा के लिए उनके प्यारे मामाजी ने कई अभियान चलाए निर्भया वैन से लेकर महिला हेल्पलाइन तक हाल ही में बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए जगह जगह मनचलो की गिरफ़्तारी की गई तथा उनका जुलुश निकाला गया जिसमे लापरवाही करने वाले अफसरों के खिलाफ भी कड़े एक्शन लिए गए पाक्सो एक्ट में बदलाव के लिए भी हमारे मुख्यमंत्री जी ने कोर्ट में ज्ञापन सौंपे जिसका नतीजा है की इस क्षेत्र में किए गए अपराध में फांसी दी जाएगी | इसके बाद भी मध्यप्रदेश में बढ़ते अपराध और इस तरह प्रदेश को बलात्कार प्रदेश कह देना किसी बड़े राजनैतिक षड़यंत्र की और इशारा करता है |

mahilao

  जिन लोगो ने इंसाफ को भी धर्म से तौला हो ऐसी मीडिया और ऐसी पार्टी अगर ये करती है तो आश्चर्य की कोई बात नहीं है |

  • किसान आंदोलन- हाल ही में हुआ किसान आंदोलन पुरे देश में चर्चा का विषय रहा जगह जगह पर फलो सब्जियों और दूध की आवाजाही बंद रही कुछ जगहों पे तो आंदोलन ने हिंसात्मक रूप ले लिया जिसमे कुछ लोग मारे भी गए, अब सोचने वाली बात ये है की अपने सरल स्वाभाव के लिए माने जाने वाले किसान जो की शांतिपूर्ण आंदोलन की बाते कर रहे थे यहाँ तक की मुख्यमंत्री जी ने भी उन्हें उनकी समस्याओ के समाधान पर बात करने के लिए आमंत्रित किया था अचानक इतने हिंसक कैसे हो गए | ये शांतिपूर्ण आंदोलन पटरी उखाड़ने बसों में आग लगाने, आम पब्लिक को तंग करने को कैसे उतारू हो गया | कहीं न कहीं इस तरह की घटनाए षड़यंत्र की तरफ इशारा करती है, बाद में ये बात सामने भी आई हिंसा फ़ैलाने वाले लोगो में कुछ लोग किसान आंदोलन का हिस्सा नहीं थे अर्थात अपने राजनैतिक लाभ के लिए और वर्तमान सरकर पर कीचड़ उछलने के लिए लोगो ने मासूम किसानो को भी नहीं बख्शा |kisan
  • सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी– हाल ही में वर्तमान सरकार के खिलाफ सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी भी देखने को मिली, हालाँकि उनका ध्यान रखते हुए उनके कार्यअवधि का समय २ वर्ष बढ़ा दिया गया है ताकि प्रमोशन में लगे स्टे की वजह से जो लोग लाभ से वंचित रह गए उन्हें लाभ प्रदान किया जा सके फिर भी लोगो में मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली इन लोगो को सरकार के खिलाफ भड़काने का काम कौन कर रहा है इस बात का पता लगाना बहुत आवश्यक है |Govt_Employee
  • पढ़े लिखे वर्गों में नाराजगी– हाल ही में विधार्थी वर्ग को ध्यान में रखते हुए एवं शिक्षा की गुडवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रोफेसर की भर्तियों को भी पी.एस.सी के अंतरगर्त लिया गया जिससे अतिथि शिक्षक वर्ग नाराज हो गया |हालाँकि उनकी नाराजगी जायज है की इतने वर्षो से अपनी सेवाए देने वाले शिक्षकों की जगह नए शिक्षक की भर्ती पर अगर प्रदेश के शिक्षा का स्तर सुधारना है तो इस तरह से प्रयास जरुरी है |atithi_vidhvan
  • धर्मो के नाम पर फैली अराजकता– प्रदेश को जिसे शांति का टापू समझा जाता है वहाँ धर्मो के नाम पर फैली अराजकता साजिश की और इशारा करती है धर्म के नाम पर फैलाई गई अफवाहों ने इतना गंभीर रूप धारण कर लिया और मध्यप्रदेश को हिंसा का गढ़ बोला जाने लगा अब सवाल ये उठता है अफवाह फैला कौन रहा इस तरह की अफवाहों से किसे लाभ मिलेगा अगर ये समझ में आ जाए तो ये समझना आसान है की इनके पीछे किनका हाथ है |

Dharm_hinsa

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