बुराड़ी परिवार हादसा मोक्ष की चाहत या हत्या???

हाल  ही में दिल्ली से आई एक खबर ने पुरे देश को झकझोर के रख दिया एक ही परिवार के ११ सदस्यों की लाश उनके ही घर में फंदे से लटकी हुई पाई गई सभी के मुँह और हाथ पैर बंधे हुए थे नौ लोगों के शव प्रथम तल के बरामदे में छत से लगी लोहे की ग्रिल से चुन्नी व साड़ियों से लटके हुए मिले। एक महिला का शव रोशनदान से लटका मिला था, जबकि एक बुजुर्ग महिला का शव एक कमरे में जमीन पर पड़ा मिला। लटके हुए दस लोगों में से नौ के हाथ-पैर व मुंह बंधे हुए थे। सभी दस लोगों की आंखों पर रुई रखकर पट्टी बांधी गई थी। प्रथम दृष्टि में तो ये हत्या का मामला लग रहा था पर बाद में हुए खुलासो ने सबको चौका के रख दिया |

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ये मामला सामूहिक हत्या का है या आत्महत्या का ये खुलाशा अभी नहीं हुआ है आइये नजर डालते है कुछ खास पहलुवो पर-

  • बाते जिनसे लगता है ये आत्महत्या है – दो डायरी पाई गई हैं उनमें भगवान का दर्शन और मौक्ष के बारे में ये बातें लिखी हुई हैं। भगवान का दर्शन करने के लिए घर में शांति बनाना है और मौन व्रत धारण करना है। प्रभु के मार्ग में जाने के दौरान किसी तरह के शोर-शराबे से बचने के लिए मोबाइल स्विच ऑफ कर लेना है। हरि दर्शन के उपाय खासतौर से मंगलवार, शनिवार या फिर रविवार को ही करना है। इनमें से जिस दिन भी भगवान का दर्शन करना हो, उस दिन बताए नियम व उपायों का पूरी तरह से पालना जरूरी है। इस नियम में अपने कान में रूई डालना है, ताकि परिवार के सदस्य एक दूसरे की आवाज तक न सुन सकें। घर में एकदम शांति हो। प्रभु दर्शन के लिए नियम के तहत, अपनी-अपनी आंखों पर पट्टी बांधना है, ताकि कोई एक दूसरे को देख न सके।  भगवान दर्शन की क्रिया के पहले हवन करना है। (लोहे के हवन कुंड में अनुष्ठान करने के सबूत मिले हैं।) भगवान दर्शन के लिए हाथ-पैर बांधते हुए रस्सी से लटकते वक्त छटपटाहट होने पर घबराना नहीं है। क्योंकि भगवान दर्शन देंगे। हवन के बाद भगवान दर्शन क्रिया शुरू करते वक्त घर की विधवा महिलाएं परिवार से कुछ दूर यह सब करेंगी। भगवान का दर्शन करने के बाद आपको सांसारिक दुखों से मुक्ति मिल जाएगी।खास बात यह है कि जो कुछ भी इस डायरी के नोट्स में लिखा है, कमोबेश उसी तरीके से भाटिया परिवार के सभी सदस्यों के मुंह व आंखों पर पट्टी बंधी थी और उन पर टेप चिपका हुआ था।581864554-Burarideaths_6

बुराड़ी में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को फिर से उस घर का सर्च ऑपेरशन किया जहां 11 लोगों की मौत हुई. पुलिस ने घर से कुछ रजिस्टर, स्कूली बच्चों की नोट बुक और कुछ डायरी बरामद की हैं. पुलिस को एक और रजिस्टर मिला है जिससे पता चलता है कि ललित 2011 से अपने पिता को सपने में देख रहा था ललित ने इस रजिस्टर में भी सपने के दौरान कही गई कई बातें लिखीं हैं. ललित के किराना स्टोर की भी तलाशी हुई. पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला है कि ललित के पिता की मौत 10 साल नहीं बल्कि 12 साल पहले हुई थी. वहीं शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि सभी 11 लोगों की मौत का समय करीब एक ही है रात एक बजे |

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  • इनमे से एक महिला जिसकी हल ही में सगाई हुई है उसके फेसबुक अकाउंट से पता चलता है परिवार का आध्यात्म की और गहरा झुकाव था उनकी पसंदीदा किताबी में दो आध्यात्म पर ही लिखी गई है |
  • पड़ोसियों के अनुसार पूरा परिवार पूजा पाठ और अनुष्ठानो को मानने वाला था तथा रात में भी सोने से पहले कीर्तन होता था |
  • आस पास के लोगो के अनुसार ये आपस में प्रेम से रहते थे किसी तरह की परेशानी या तनाव का कोई जिक्र नहीं था |
  • गुत्थियां जो हत्या की और इशारा कर रही है-

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  • परिवार के एक सदस्य के बयां के अनुसार अगर आप हिंदू हैं तो क्या सुबह-शाम पूजा-पाठ नहीं करेंगे। हर घर में आरती होती है। अब कोई हनुमान चालीसा पढ़ रहा है या आरती कर रहा है तो वह तांत्रिक विद्या हो जाएगी क्या।इसलिए घर में पूजा पाठ का सामान मिलना आत्महत्या नहीं दर्शाता |
  • रिश्तेदार बोले- गुरु को नहीं मानता था परिवार:परिवार की मुखिया नारायण देवी के दिल्ली में रहने वाले एक रिश्तेदार किशोर ने बताया कि नारायण देवी उनकी बुआ थीं। वे लोग किसी गुरु को नहीं मानते थे। वे सभी भगवान कृष्ण के अवतार श्रीनाथजी को मानते थे। हालांकि, पड़ोसियों का कहना है कि जब चोट लगने से ललित की आवाज चली गई थी, तब परिवार ने पूजा-पाठ बंद कर दिया था। आवाज लौटने काे ‘चमत्कार’ मान फिर पूजा शुरू कर दी थी।
  • पुलिस की तहकीकात में पांच फोन नंबर सामने आए हैं। इन पांच नंबरों पर लगातार बातें होती थीं। ये नंबर किसके हैं, पुलिस पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है। ताकि साफ हो सके कि इन 11 लोगाें की मौत के पीछे पांच फोन नंबर का क्या कनेक्शन है।
  • परिजनों द्वारा हत्या का शक जताए जाने पर बुराड़ी थाना पुलिस ने अज्ञात लोगो के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस को शक है कि पहले बुजुर्ग महिला नारायण की कमरे में गला घोंटकर हत्या की गई, फिर नाबालिगों को अन्य ने जबरन फंदे से लटका दिया, इसके बाद बचे लोगों ने खुदकशी कर ली।आमतौर पर खुदकशी की वारदात लोग बंद कमरे में करते हैं, लेकिन यहां प्रथम तल पर जाने वाली सीढ़ी के दोनों दरवाजे खुले थे। घर से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। तमाम पहलुओं से करीब दस घंटे तक छानबीन करने के बावजूद पुलिस न हत्या के एंगल पर पहुंच पा रही है और न ही खुदकशी की ही पुष्टि कर पा रही है।
  • पूरा परिवार पढ़ा लिखा था तथा अच्छी जगह काम भी कर रहे थे पढ़े लिखे समझदार लोगो का इस तरह आत्महत्या कर लेने की कहानी लोगो को रास नहीं आ रही |

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