बी जे पी- चुनाव २०१९

आम चुनावो की तैयारियां शुरू हो चुकी है, और पिछले कुछ दिनों से आए अपने चुनावी नतीजों को देखते हुए देश की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी है लक्ष्य है आम चुनाव २०१९ जैसा की हम सभी जानते है जिन मुद्दों को हथियार बना कर ये पार्टी सत्ता में आई उनमे से किसी पर भी खरी नहीं उतर पाई है, चाहे वो मुद्दा राम मंदिर हो कश्मीर समस्या हो या काला धन इनमे से किसी भी चुनावी वादों को पूरा करना तो दूर पिछले चार सालो में इन मुद्दों पर बात भी नहीं की गई है |

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अन्ना हजारे जी का  अब भी ठन्डे बस्ते में पड़ा है पिछले कई दिनों से बी जे पी ने अपनी ही कई सीटे खोई ,इसलिए अब वो अपने पुराने मुद्दों पे वापस आ गई है जिनका ना बीते चार साल से कोई जिक्र था और जो की उनके सत्ता में आने की वजह भी था |

chunav 2019

आज बात करते है ऐसे ही कुछ गंभीर मुद्दों पे जो बी जे पी की सत्ता में आने की वजह थे पर फिर भी बीते चार वर्षो में जिन पर बात तक नहीं की गई |

  • राम मंदिर- राम मंदिर भारतीय जनता का हमेशा से सबसे बड़ा मुद्दा रहा है और हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी कट्टरवादी हिंदुत्व का सबसे बड़ा चेहरा है, सत्ता की बागडोर इनके हाथो में आते ही करोडो हिन्दुओ के मन में राम मंदिर के बनने की आस जगी किन्तु सरकार की तरफ से अब तक इस मुद्दे पे किसी ने बात नहीं की किन्तु जैसे ही २०१९ के आम चुनाव निकट आने लगे है बी जे पी पुराने रूप में वापस आ गई और सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को संतों के कार्यक्रम में अयोध्या गए थे। वहां उन्होंने राम मंदिर निर्माण में कोर्ट में मामला होने की दुहाई दी। इस पर राम मंदिर न्यास के महंत राम विलास वेदांती ने कहा कि 2019 से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री उमा भारती मंगलवार को अयोध्या पहुंची। उमा ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी ‘साहसी’ कदम उठाते हुए मंदिर की पहल करें।

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  • कश्मीर समस्या– हाल ही में भारतीय जनता पार्टी ने पी डी पी से अपना समर्थन वापस लिया और इसके पीछे घाटी में बढ़ी हिंसा को इसका जिम्मेदार बताया कश्मीर में आतंकवाद बढ़ने और और लोगो के मौलिक अधिकार खतरे में है इन बातो का बहाना बनाकर बी जे पी ने अपना समर्थन वापस ले लिया मोदी ने 2014 के चुनाव से पहले धारा 370 को मुद्दा बनाया था, लेकिन राज्य में धारा 370 की समर्थक पीडीपी से गठबंधन कर लिया था। जो लोगो को पाकिस्तान को मुँह तोड़ जवाब देने की बात करते थे जिन्हे लगता था की उनकी सरकार ने कश्मीर समस्या का समाधान निकाल लिया उन्हें आज लगता है घाटी में हिंसा और आतंकवाद बढ़ा है और फिर से ये सरकार कश्मीर को अपना चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है |

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  • कालाधन – काला धन देश की सबसे बड़ी समस्याओ में से एक है देश में भ्रस्टाचार और काले धन को चुनावी मुद्दा बनाकर सरकार सत्ता में आई थी इनका चुनावी दावा था की विदेशो में जमा काला धन देश में वापस लाया जाएगा और देश के हर नागरिक को दिया जाएगा पर ये महज एक जुमला ही निकला और मजेदार बात तो ये है की बी जे पी के मंत्रियो ने खुद स्वीकार किया की ये जुमला ही है काला धन के उपाय में नोटबंदी की पर वो भी काला धन वापस लाने में नाकामयाब ही साबित हुई |

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  • अभिव्यक्ति की आजादी- अभिव्यक्ति की आजादी नाम के मुद्दे पर कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही थी भाजपा ने आपातकाल के बहाने कांग्रेस पर पलटवार किया। इस दिन को ब्लैक डे के रूप में मनाया और देशभर में 22 सभाएं की। भाजपा के 25 केंद्रीय मंत्री मीडिया के सामने आए। आपातकाल के विरोध में केंद्र सरकार ने पहली बार अखबारों में विज्ञापन दिए और इसकी शुरुवात वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने अपना ब्लॉग लिखकर की जिसमे आपातकाल को ब्लैक डे बताते हुए पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी की तुलना तानाशाह हिटलर से की |Abhivyakti_ki_aajadi
  • महंगाई- विपक्ष में बैठी भाजपा लगतार सरकार को महंगाई के मुद्दे को लेकर घेरते आई है किन्तु अपनी सरकार में भी वो महंगाई पर रोक लगाने में लगातार नाकामयाब हुई पिछले सालो में महंगाई पहले की तुलना में बढ़ी है, जिस जी एस टी का प्रस्ताव पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी ने दिया था और भाजपा ने तब जिसका विरोध किया था वही भाजपा जी एस टी लागु करके महंगाई को नियत्रण करने की नाकामयाब कोशिश में है |

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