भय्यूजी महाराज के बारे में कुछ दिलचस्प बातें | bhaiyyu maharaj life story

भय्यू जी महाराज एक आध्यात्मिक गुरु थे जो लोगो को संयम और मुक्ति का पाठ पढाते थे | आध्यात्मिक गुरु के रूप में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में उनके काफी भक्त है | आज अचानक उनके निधन के समाचार ने सबको चौका के रख दिया की कैसे लोगो को जीना सिखाने वाले गुरु खुद अपने जीवन की जंग हार गए तथा अपने जीवन से दुखी हो आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो गए |

bhaiyu ji maharaj

  • जीवन – भय्यू जी महाराज का जन्म मध्यप्रदेश के सुजालपुर में २९ अप्रैल १९६८ को हुआ उनका वास्तविक नाम उदय सिंह देशमुख था |भक्तो के बीच धारना है कि उन्हें भगवान दत्तात्रेय का आशीर्वाद हासिल था। महाराष्ट्र में उन्हें राष्ट्र संत का दर्जा मिला हुआ था। वे सूर्य की उपासना करते थे और घंटों जल समाधि करने का उनका अनुभव था। भैय्यूजी महाराज मॉडल रह चुके हैं। मॉडलिंग का करियर छोड़कर उन्होंने आध्यात्म का रास्ता चुना था। वे सियाराम शूटिंग शर्टिंग के मॉडल रह चुके हैं । ये एक ऐसे आद्यात्मिक गुरु है जो गृहस्थ जीवन भी जीते है |
  • पारिवारिक जीवन – भय्यू जी का पारिवारिक जीवन परेशानियों भरा रहा है, कयास यही लगाए जा रहे है की पारिवारिक कलह के चलते ही उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया | उनकी पहली पत्नी थी माधवी जिनसे उनकी एक बेटी है कुहू | पत्नी की मौत के बाद भय्यू जी ने दूसरा विवाह डॉ आयुशी के साथ किया जो उनकी बेटी कुहू को पसंद नहीं था | इसलिए वो अपने पिता से दूर पुणे में रहने लगी | बेटी से दुरी तथा दूसरी पत्नी का अपनी जिंदगी में बढ़ता दखल बर्दास्त न कर पाने की वजह से भैयू जी ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया |

आइये जानते है भय्यूजी महाराज के बारे में कुछ दिलचस्प बातें

  • भय्यूजी दूसरे आध्यात्मिक गुरु से बिल्कुल अलग थे। वह कभी खेतों की जुताई करते देखे जाते थे तो कभी क्रिकेट खेलते हुए मैदान में दिखते थे। तो कभी घुड़सवारी और तलवारबाजी में भी वे पारंगत हासिल किया हुआ था।
  • इन्हे हाल ही में मध्यप्रदेश की सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया था |
  • अपने जीवन काल में उन्होंने नर्मदा सरक्षण और नर्मदा के रखरखाव के लिए कदम उठाए यहाँ तक नर्मदा के किनारे जो वृक्षारोपण होना था उसमे गड़बड़ी पाए जाने पर इसके विरोध में आवाज उठाई |
  • भैय्यू जी महाराज तब सबसे पहली बार लोगो के बीच चर्चा में आए जब उन्होंने अन्ना हजारे के आंदोलन में उनक अनशन ख़तम करवाया |
  • भैय्यूजी महाराज के ससुर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं। केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख से उनके करीबी संबंध थे। बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी से लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत भी उनके भक्तों की सूची में थे। महाराष्ट्र की राजनीति में उन्हें संकटमोचक के तौर पर देखा जाता था।
  • अनाथो को लेकर उन्होंने सबसे बड़ी घोषणा की जो अनाथ है या जिन बहनो के साथ ज्यादती हुई है उनसे मजबूरी में उत्पन्न हुई संतान को में अपना नाम देता हु |
  • देश में कुछ समय से हो रही हिंसा के विरोध में उन्होंने हमसाज नाम का आयोजन करवाया जिसमे विभिन्न धर्मगुरुओ को एक मंच में निमंत्रित किया |

भय्यू जी महाराज ने १२ जून २०१८ को खुद के लाइसेन्सी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मार कर आत्महत्या कर ली

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