विश्व पर्यावऱण दिवस-

     ५ जून को पुरा विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाता है इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष १९७२ में की थी। ये दिवस पूरी तरह से पर्यावरण के संरक्षण और सुरक्षा को समर्पित है | ५ जून १९७४ को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया।

इस दिन लोग स्टाकहोम हेलसेंकी लन्दन विएना क्योटो जैसे सम्मेलनों और मॉन्ट्रियल प्रोटोकाल रियो घोषणा पत्र संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम इत्यादि को याद करते हैं। गोष्ठियों में सम्पन्न प्रयासों का लेखाजोखा पेश किया जाता है। अधूरे कामों पर चिन्ता व्यक्त की जाती है। समाज का आह्वान किया जाता है। ताकि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा सके |

  • क्यों मनाया जाता है- गंभीर पर्यावरण मुद्दे जैसे ग्लोबल वार्मिंग भोजन की बर्बादी वृक्षों के कटाव जल संकट वायु पदूषण इत्यादि से बचाव एवं भविष्य में आने वाले खतरों से आगाह करने के लिए विश्व भर में पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत की गई, इसके लिए हर साल एक नया विषय और एक नयी थीम निर्धारित की जाती है |

  • लक्ष्य- इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुकता और प्रोत्साहन को बढ़ावा देना है। यह अभियान लोगों को इस कार्यक्रम से बड़ी संख्या में जोड़ने के लिए एक निमंत्रण है, ताकि लोग वातावरण की वास्तविक स्थिति को समझें और पर्यावरण मुद्दों के दुष्प्रभावों के खिलाफ प्रभावी कार्यक्रमों के साथ जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने के लिए पर्यावरण प्रतिनिधि बनें। हमें बेहतर भविष्य के लिए इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए और अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखने की प्रतिज्ञा करनी चाहिए।

पर्यावरण दिवस २०१८ में खास-   हमारा देश भारत, प्लास्टिक से पर्यावरण संरक्षण के बारे में जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस 2018 का वैश्विक मेजबान (होस्ट) है। इस वर्ष वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे सेलिब्रेशन का थीम हैं  “बीट प्लास्टिक पोल्लुशन” इस अवसर पर पुरे देश के सभी लोग मिलकर प्लास्टिक के इस्तेमाल से होने वाली प्रदूषण के लिए आवाज उठाएंगे।

पीएम मोदी करेंगे मुख्य कार्यक्रम में शिरक़त, प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को खत्म करने की मुहिम के तहत आज कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा ।भारत में पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यावरण संरक्षण के कई उपायों में ग्रीन गुड डीड्स सुझाये हैं। मतलब हरी भरी आदतों को हमें खुद में शामिल करना होगा। हमें खुद आगे बढ़कर दुकानों पर प्लास्टिक बैग को न कहने की आदत डालनी होगी। हमें उन पल्स्टिक उत्पादों को लेना बंद करना होगा जो प्लास्टिक में आते हैं। इसके साथ ही प्लास्टिक के पुनः प्रयोग की तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाना होगा।

विश्व पर्यावरण दिवस पर कथन

  • पर्यावरण सब कुछ है जो मैं नहीं हूँ।”- अल्बर्ट आइंस्टाईन
  • इन पेड़ों के लिये भगवान ध्यान देता है, इन्हें सूखे, बीमारी, हिम्स्खलन और एक हजार तूफानों और बाढ़ से बचाता है। लेकिन वो इन्हें बेवकूफों से नहीं बचा सकता।”- जॉन मुइर
  • भगवान का शुक्र है कि इंसान उड़ नहीं सकता, नहीं तो पृथ्वी के साथ ही आकाश को भी बरबाद कर देता।”- हेनरी डेविड थोरियु
  • कभी शंका मत करो कि विचारशील का एक छोटा समूह, समर्पित नागरिक दुनिया को बदल सकता है; वास्तव में, ये एकमात्र चीज है जो हमेशा पास है।”- मार्गरेट मीड
  • हमारे पास एक समाज नहीं होगा अगर हम पर्यावरण का नाश करेंगे।”- मार्गरेट मीड
  • ये भयावह है कि पर्यावरण को बचाने के लिये हमें अपने सरकार से लड़ना पड़े।”- अंसेल एड्म्स
  • पृथ्वी हर मनुष्य की जरुरत को पूरा करता है, लेकिन हर व्यक्ति के लालच को नहीं।”- महात्मा गाँधी
  • विश्व के जंगलों से हम क्या रहें हैं केवल एक शीशे का प्रतिबिंब है जो हम अपने और एक-दूसरे के साथ कर रहें हैं।”- महात्मा गाँधी

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *