रमज़ान | ईद मुबारक

भारत में कई संस्कृतियों का मेल है विभिन्न संस्कृतियों को मानने वाले लोग यहाँ बसते है पर सबका मकसद आपसी प्रेम और करुणा है | भारत त्योहारों का देश है, यहाँ वर्ष भर कई त्यौहार मनाए जाते है, विभिन्न संस्कृतियों को मानने वाले लोग विभिन्न तरह के त्यौहार यहाँ मानते है |

हर धर्म का अपना पंचांग होता है, उनके अपने महीने होते है, अपने त्यौहार, अपनी मान्यताओं को समेटे हर त्यौहार का मकसद ख़ुशी और एकता को कायम रखना है | रमज़ान भी इनमे से एक है –  इस्लामिक देशो में जिसे जोर शोर के साथ मनाया जाता है भारत में भी इस्लामिक मान्यता है इसलिए यहाँ भी ये बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है |

ramzaanEid Namaz

 

 

 

 

रमज़ान के महीने का महत्व – इस्लामिक संस्कृति को मानने वालो के लिए ये महीना बहुत खास होता है जिसे बहुत पवित्र माना जाता है इसके नियम बहुत ही कठिन होते है जो व्यक्ति में सहनशीलता को बढ़ाते है | ये इस्लामिक पंचांग में नौवे महीने में आता है |

मुस्लिम सभ्यता में चाँद का विशेष महत्व है और इसी के अनुसार महीने के दिन गिने गए है जिसमे दस दिन कम होते जाते है इसलिए हिन्दू पंचांग के अनुसार ये हर वर्ष १० दिन पूर्व आता है  | रमजान में आपसी गीले शिकवे भुला के लोग भाईचारा मानते हुए इसे मानते है |

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इतिहास – इस पाक महीने को शब- ऐ- कदर कहा जाता है मान्यता है की इसी महीने अल्लाह ने अपने बन्दों को कुरान शरीफ से नवाजा था इसलिए इस महीने की पवित्रता और बढ़ जाती है | पूरे महीने अल्लाह के लिए रोजा अदा किया जाता है | जिसे मुस्लिम परिवार का छोटे से बड़ा हर बंदा पूरी शिद्धत से निभाता है |

रमज़ान में रोजा – रमज़ान में रोजा किया जाता है जिसे अल्लाह की इबादत कहते है | इसे तीन भागो में बॉंटा गया है जिसके अपने अलग नियम है |

  • सहरी का विशेष महत्व होता है इसमें सूरज निकले से पूर्व उठकर कुछ खाकर रोजा शुरू किया जाता है इसके बाद पुरे दिन कुछ खा नहीं सकते |
  • दूसरा भाग है इफ्तार इसमें सूरज डूबने के कुछ देर बाद कुछ खाकर रोजा खोला जाता है इसका समय निश्चित होता है |
  • तीसरा मुख्या भाग है तरावीह इसमें रात के ९ बजे नमाज अदा की जाती है इसी तरह पुरे महीने ये सब चलता है |

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रमज़ान के नियम – रमज़ान के नियम बहुत ही कठिन होते है, कहा जाता है इससे इंसान और अल्लाह के बींच की दुरी कम होती है तथा अपने धर्म के प्रति आस्था बढ़ती है ऐसे ही कुछ नियम है  —

अल्लाह का नाम लेना– रमज़ान के महीने में पांचो वक़्त की नमाज अदा की जाती है अल्लाह से अपने गुनाहो की माफ़ी मांगी जाती है |

गलत आदतों से दूर रहना – इस पुरे महीने किसी भी तरह की गलत आदतों से दूर रहने की हिदायत दी जाती है | किसी भी तरह का लड़ाई झगड़ा नशा सभी वर्जित है रमजान के पुरे महीने बुरा बोलने बुरा देखने व बुरा सुनने की मनाही है |

महिलाओ के प्रति आदर – रमज़ान के महीने में महिलाओ से बुरा व्यवहार की मनाही है | पूरे महीने उनके साथ आदर से पेश आने की हिदायत दी जाती है | पराइ स्त्री को देखना और छूना पूरी तरह प्रतिबंधित है |

जकात – रमज़ान में जकात का विशेष महत्व है | सभी को अपनी श्रद्धा और स्थिति के अनुसार नेक कार्य करना और इसे बढ़ावा देने का कार्य किया जाता है जिसे जकात कहते है |

जन्नत की दुआ – रमजान में लोग जन्नत की दुआ करते है जिसे जन्नतुल फिरदौस कहा जाता है जिसे जन्नत का सबसे उंचा स्थान माना गया है |

रमज़ान का महत्व – रमज़ान लोगो में अल्लाह के प्रति विश्वास जगाने के लिए मनाया जाता है इस्लाम के मुताबिक मुसलमान का मतलब मुसल- ऐ- ईमान होता है अर्थात जो अपने ईमान का पक्का हो वो ही सच्चा मुसलमान है  |जिसे कुछ नियमो के साथ पूरा करना होता है जैसे अल्लाह के अस्तित्व में यकीन अर्थात आस्तिक, नमाज, रोज़ा, जकात, हज | इन सभी दायित्वों को निभाने के बाद ही व्यक्ति असल में मुस्लमान कहलाता है |

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