महत्वपूर्ण बातें जो आम आदमी को उत्तर प्रदेश से जोड़ती है –

उत्तर प्रदेश भारत के विभिन्न राज्यों में से एक है जो बातें इसे दूसरे राज्यों से खास बनाती है वो है यहाँ का रहन-सहन और संस्कृति. यहीं से हिन्दू मुस्लिम दोनों समुदायों की आस्था जुड़ी है, विभिन्न शहर यहाँ की संस्कृति का एहसास दिलाते है जैसे आगरा मे ताजमहल जो दुनिया के सात अजूबे मे से एक है. मथुरा, अयोध्या जैसे तीर्थ  जो भगवान श्री रामचंद्र और श्री कृष्णा की जन्मभूमि है. काशी जिसे भगवान शिव का दूसरा घर माना जाता है. गंगा यमुना जैसी पवित्र नदियों ने इस धरती को और पावन किया है. महाकुंभ, जो हिंदुओ के लिए बहुत खास है, उसके आयोजन स्थलो के लिए पवित्र भूमियो मे से एक प्रयाग है जिसे गंगा यमुना सरस्वती का संगम माना जाता है.

 

उत्तर प्रदेश अपने धार्मिक स्थलो के साथ साथ अपने क्रांतिकारियों की वजह से भी बहुत खास है, मंगल पांडे, चित्तू पांडे, झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, ऐसे ही बहुत से क्रांतिकारी इस धरती ने भारत को दिए है.

भारतीय राजनीति में भी उत्तर प्रदेश ने अपनी अलग पहचान बनाई है भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का नाम बागी नेताओं में आज भी याद किया जाता है.

 

1 ऐतिहासिक धरोहरउत्तर प्रदेश अपने ऐतिहासिक धरोहर की वजह से पूरे विश्व में विख्यात है, आगरा का ताजमहल, फतेहपुर सिकरी, झाँसी का किला. प्राचीन तीर्थ स्थानों में वाराणसी, अयोध्या, विंध्याचल, चित्रकूट, प्रयाग, सोरों, मथुरा, वृन्दावन, देवा शरीफ, नैमिषारण्य आदि है.

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2 धार्मिक इतिहासउत्तर प्रदेश हिन्दू धर्म का प्रमुख स्थल रहा। प्रयाग के कुम्भ का महत्त्व पुराणों में वर्णित है. त्रेतायुग में विष्णु अवतार श्री रामचंद्र ने अयोध्या में जन्म लिया। राम भगवान का चौदह वर्ष के वनवास में प्रयाग, चित्रकूट, श्रंगवेरपुर आदि का महत्त्व है। भगवान कृष्णा का जन्म मथुरा में और पुराणों के अनुसार विष्णु के दसम अवतार का कलयुग में अवतरण भी उत्तर प्रदेश में ही वर्णित है। काशी (वाराणसी) में विश्वनाथ मंदिर के शिवलिंग का सनातन धर्म मे विशेष महत्त्व रहा है। सनातन धर्म के प्रमुख ऋषि रामायण रचयिता महर्षि बाल्मीकि, रामचरित मानस रचयिता गोस्वामी तुलसीदास (जन्म- राजापुर चित्रकूट), महर्षि भृगु बलिया में ही जन्मे है, बुद्ध ने अपना पहला उपदेश वाराणसी (बनारस) के निकट सारनाथ में दिया और एक ऐसे धर्म की नींव रखी, जो न केवल भारत में, बल्कि चीन व जापान जैसे सुदूर देशों तक भी फैला.

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3 रहनसहन और संस्कृतिउत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में भिन्न भिन्न प्रकार की संस्कृति देखने को मिलती है जैसे बनारस, काशी, मथुरा, वृन्दावन जैसे शहरो में हिन्दू संस्कृति, धार्मिक अनुष्ठान, पूजा पाठ और लखनऊ कानपूर और इलाहाबाद में मिश्रित संस्कृति देखने को मिलती है. लखनऊ की चिकन कढ़ाई और बनारस की साड़ियों पुरे विश्व में उत्तर प्रदेश को एक अलग पहचान देती है.

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4 खान पानउत्तर प्रदेश अपने खान पान की वजह से भी विश्व में विख्यात है. यहाँ का खाना पुरे भारत में पसंद किया जाता है. हर  शहर में अलग जायका मिल जाएगा जैसे आगरा का पेठा, मथुरा के पेडे, लखनऊ का कबाब, बनारस का पान, इलाहबाद का लौंग लत्ता भारतीय भोजन में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है|

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5 भारत की आज़ादी में उत्तर प्रदेश का योगदानभारत को आज़ाद कराने में उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है , आज़ादी की लड़ाई में भाग लेने सबसे पहले क्रन्तिकारी मंगल पांडे, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, अवध की बेगम हज़रत महल बख्त खान, नाना साहेब, मौल्वी अहमदुल्ला शाह्, राजा बेनी माधव सिंह्, अजीमुल्लाह खान और अनेक देशभक्तों ने भाग लिया.

 

क्या आप जानते है

बहुत कम लोग ही ये जानते है की उत्तर प्रदेश का एक शहर बलिया भारत के आज़ाद होने से पहले ही आज़ाद हो गया था इसलिए इसे आज भी बागी बलिया के नाम से जाना जाता है. राजनीतिक देखरेख के अभाव के चलते स्वर्णिम इतिहास होने के बाद भी ये शहर पिछड़ी स्थिति में है, ये दुर्भाग्यपूर्ण है जबकि ये महर्षि भृगु की कर्मभूमि है. हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री चंद्रशेखर जी भी बलिया से ही है, मंगल पांडे, चित्तू पांडे जैसे क्रन्तिकारी भी बलिया ने ही देश को दिए है |”

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