भारत में गर्मियों में घूमने लायक जगह

गर्मियों की छुट्टिया लगने से पहले ही घरो में घूमने के लिए प्लान बनाँए लगते है | आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास भी आराम का वक़्त नहीं है| यहाँ तक की बच्चो के पास भी, पहले गर्मियों में लम्बी छुट्टिया मिला करती थी |जिसमे बच्चे नाना ,दादा के यहाँ जाने की योजनाए बनाने लगते थे | प्रतिस्पर्धा का बढ़ता स्तर आज के बच्चो में भी हावी होने लगा है | आजकल बच्चे लम्बी छुट्टिया मनाने से ज्यादा पढाई और अपनी हॉबी को पूरा करने को लेकर ज्यादा जागरूक है |और हो भी क्यों न जिस गति से प्रतिस्पर्धा का स्तर बढ़ रहा है, कोई पीछे नहीं रहना चाहता | फिर भी अपनी व्यस्त दिनचर्या से थोड़ा सा समय निकल के आप घूमने के बारे में सोच रहे है | तो भारत में कुछ ऐसी जगह है जहा ज्यादा पैसे खर्च किए बिना आप आसानी से गर्मियों की छुट्टियों का आनंद ले सकते है|

  • मनाली- अगर आपको खूबसूरत पहाड़ और वादिया पसंद है ,तो ये जगह आपके लिए ही है | यहाँ आसमान को छुते हुए पर्वत और निचे बहती हुई नदियां पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती है | इनके किनारो पर बैठ कर आपकी पूरी थकान मिट जाती है| यहाँ की जलवायु शुद्ध है | यहाँ की खूबसूरत झील पर्यटको को अपने मोह में बांध लेती है | कुल्लू की घाटियों को देवताओ की घाटी भी कहते है, अगर आप एडवेंचर स्पोर्ट्स की शौखिन है, तो यहाँ आप पर्वतारोहण करें या पैराग्लाइडिंग स्कीइंग बर्फ की चोटी पर स्केटिंग या फिर गोल्फ का आनंद लें यहाँ की हरी भरी घाटी और सेबो के बगान बहुत ही मनोरम दिखाई देते है | यहां पर कोठी वन विहार तिब्बती बाजार और माल रहाला प्रपात रोहतांग दर्रा सोलांग घाटी हिडिंबा देवी मंदिर जगतसुख मंदिर इत्यादि दर्शनीय स्थल हैं। यहाँ जाने के लिए आपको वायु मार्ग ,रेल मार्ग, सड़क मार्ग हर तरह के साधन मिल जाएंगे | यहाँ का नजदीकी रेलवे स्टेशन चंडीगढ़ है | अगर आप सड़क मार्ग से जाना चाहे तो दिल्ली से आपको कई बस मिल जाएंगी | तथा यहाँ का नजदीकी हवाई अड्डा भुंतर है। यह कुल्लू से 10 किलोमीटर और मनाली से 50 किलोमीटर दूर है।

 

  • लद्दाख- भारत का सबसे उचाई पर बसा हुआ शहर है| जो सुरु और जन्स्कार घाटी से मिलकर बना हुआ है | लद्दाख जाने के दो मुख्य मार्ग है जिसमे एक श्रीनगर मार्ग जो पारम्परिक मार्ग है और वर्षो से लद्दाख जाने का यही मार्ग रहा है | दूसरा मनाली-लेह राजमार्ग है जो ऊँचाई पर बना एक नया मार्ग है | इस मार्ग पर केवल मई से सितम्बर के बीच जाया जा सकता है बाकि समय में ये मार्ग बर्फ से ढका रहता है लेकिन इस मार्ग से कम समय में लद्दाख पहुचा जा सकता है | सुन्दर झीलें और मठ, मन को सम्मोहित कर देने वाले परिदृश्य और पहाड़ की चोटियाँ यहाँ की आकर्षक विशेषताएँ हैं। बौद्ध धर्म इस क्षेत्र का प्रमुख धर्म है, मठ या गोम्पा, लद्दाख के आकर्षणों की सूची में प्रमुख विशेषता रखते हैं। हेमिस मठ, शंकर गोम्पा, माथो मठ, शे गोम्पा, स्पितुक मठ, और स्तकना मठ जैसे कुछ मठ इस क्षेत्र के सबसे उल्लेखनीय मठों में से हैं। इसके अलावा, हिक्से मठ और समो मठ भी एक बार देखने के लायक हैं।

 

  • शिलौंग- शिलांग एक छोटा-सा शहर है जिसे पैदल घूमकर देखा जा सकता है। अपनी सुविधा के अनुसार सिटी बस या दिनभर के लिए ऑटो या टैक्सी किराए पर लेकर भी घूमा जा सकता है।ये मेघालय की निकट है चेरापूंजी, के पास होने की वजह से आमतौर पर यहाँ मौसम खुशनुमा बना रहता है | यहाँ की झीले यह के आकर्षण का केंद्र है| वार्डस झील, मीठा झरना , हाथी झरना यहाँ प्रमुख्ज है शिलांग पीक यहाँ का सबसे ऊँचा स्थान है जहा खड़े होकर पुरे शहर का नजारा देखा जा सकता है यहाँ लेडी हैदरी नाम का एक पार्क है जहा आपको विभिन्न प्रजाति के सुन्दर फूलो का बगीचा देखने को मिल जाएगा साथ ही यहाँ विभिन्न प्रजाति की चिडियो तथा तितलियों का संग्रहालय भी है | शिलांग में ही स्थित स्वीट फॉल इस शहर का सबसे खूबसूरत वॉटरफॉल माना जाता है. लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि ये वॉटरफॉल हॉन्टेड है. मेघालय में सबसे ज्यादा खुदकुशी और मौत की घटनाएं इसी वॉटरफॉल में हुई हैं. ऐसा कहा जाता है |

 

  • ऊटी- ऊटी तमिलनाडु प्रदेश का शहर है| जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता की वजह से देश के साथ साथ विदेशो में भी लोकप्रिय है | इसका वास्तविक नाम उदगमंडल है | ये स्थान चारो और से पहाड़ो से घिरा हुआ है इसलिए इसे पहाड़ो की रानी के नाम से भी जाना जाता है ऊटी नीलगिरी जिले की राजधानी है नीलगिरी का अर्थ है- नीला पहाड़ शायद हरे-भरे पहाड़ों के कारण इसे यह नाम दिया गया है | इस जगह को हनीमून स्पॉट के लिए भी पसंद किया जाता है, क्योंकि यहां की हरियाली और मौसम दोनो नवविवाहित जोडों को अपनी ओर आकर्षित करते है। इस स्थान को फेमस करती है यहाँ की कुछ आकर्षक चीजे जैसे यहाँ ट्रैन से ऊटी घूमने का आनंद लिए जा सकता है |जो बदलो को छूटे हुए निकलती है ,इसकी खास बात ये है की ये आज भी स्टीम वाले इंजन से चलती है | जो १३ टनलों से होकर गुजरती है | यहाँ पास ही ऊटी झील है जिसके नाम से शहर का नाम ऊटी पड़ा | ये झील मानव निर्मित होने के साथ साथ बेहद खूबसूरत भी है| यहां पर आप घुड़सवारी के साथ-साथ बोटिंग का भी लुफ्त उठा सकते हैं | साथ ही एक नये प्रकार का आन्नद भी ले सकते है वो है मछली पकड़ना चारा खरीदने से पहले आपको प्रशासन से मछली पकड़ने की अनुमति लेनी पड़ेगी। यहाँ घूमने के लिए बोटेनिकल गार्डन, वॉटरफॉल ,डोडाबेट्टा चोटी, कोटागिरी जैसी सुन्दर जगह है यहाँ का निकटतम हवाई अड्डा तथा रेलवे स्टेशन कोयम्बत्तूर है यहाँ आपको घूमने के लिए आसानी से साधन मिल जाएंगे |

 

  • मुन्नार– मुन्नार एक शानदार सुन्दर अतिआकर्षक हिल स्टेशन है ,जो की इडुक्की जिले में स्थित है जो की केरल का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है | बाइकर्स, ट्रैकर्स और एडवंचर पसंद करने वालो के लिए ये जगह किसी स्वर्ग से क़म नहीं है | यहाँ दूर दूर तक फली मखमली घास और लम्बे वृक्ष बहुत ही सुहाने लगते है | यहाँ घूमते हुए आप चिडियो को चहलकदमी करते  देखना बहुत ही रोचक अनुभव है | यहाँ चारो और फैले चाय के बागान सुंदर और मनमोहक लगते है | यहाँ का प्रसिद्ध इरविकुलम राष्ट्रीय उद्यान , आनामुड़ी शिखर, माट्टुपेति, पल्लीवसम, चिन्नकनाल चाय संग्रहालय यहाँ घूमने लायक स्थल है|

 

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