फ्यूचर ट्रेंड फॉर गर्ल्स

लड़कियों को अपने स्टाइल के साथ एक्सपेरिमेंट करना हमेशा पसंद होता है फिर चाहे वो कपडे हो ज्वेलरी हो या कुछ और लड़किया अपनी पसंद को लेकर बहुत चूसी होती है और एक ही तरह की चीजों से वो अक्सर बोर हो जाती है इसलिए डिज़ाइनर हमेशा से उनसे जुडी चीजों में चेंजेस करते रहते है और जब कोई चेंज लड़कियों को बहुत पसंद आ जाता है तो वो उस समय का फ्यूचर ट्रेंड बन जाता है आज बात करते है ऐसे ही कुछ फ्यूचर ट्रेंड की जो आने वाले समय में लड़कियों की ड्रेसेस में देखने को मिल सकते है ।

faiपेस्टल कलर्स- आने वाले समय में आपको कपड़ो में पेस्टल कलर्स का बेहतरीन रूप देखने को मिल सकता है मिन्टी ब्लू और बेबी पिंक का इस बार आपको बिलकुल अलग सा शेड इंटरनेट पर छाया हुआ दिखाई देगा । दुल्हन से लेकर दुल्हन से जुड़े सभी करीबी लोग इस रंग को खास तौर पर अपनाएंगे। लाल मेहरून और गुलाबी रंग में दुल्हन को तो हमेशा देखा जाता है पर पेस्टल में दुल्हन को देखना एक अच्छा एक्सपीरयंस हो सकता है ओवरसाइज कोट्स और स्थानीय टेलरिंग के प्रयोग फीमेल ड्रेस के साथ किए जा रहे हैं बल्कि अनुष्का शर्मा ने तो अपनी शादी से ये ट्रेंड चालू कर ही दिया है ।pestal

स्लीव्स के साथ एक्सपेरिमेंट– आने वाले समय में आप ड्रेसेस में स्लीव्स के साथ एक्सपेरिमेंट भी देखेंगे जैसे अभी कुछ दिनों तक कोल्ड स्लीव्स ऑफ शोल्डर चलन में थे अब  डिजाइनर इस साल अपने कलेक्शन में सिर्फ डिटेलिंग पर खेलेंगे। लहंगे के साथ वॉल्यूम स्लीव्स वाले ब्लाउज पहने जाएंगे। इसकी खास बात यह है कि बांह के ऊपरी हिस्से में फ्लैब छिपाएगा और निचला हिस्सा स्लिम दिखाई देगा। बेल स्लीव्स और बेटविंग स्लीव्स ड्रेस को खास बनाएंगी फिर चाहे किसी शाम में पहनने के लिए कोई झिलमिलाती हुई ड्रेस हो या फिर लिटिल ब्लैक ड्रेस।slives

क्लेशिंग प्रिंट्स का दौर- प्रिंट्स के साथ मैच करने का चलन तो बहुत पुराना है अब मिस मैच के रूप में नया ट्रेंड सामने आया है जिनमे न मैच होने वाले कलर और डिजाइनों पर फोकस किया जा रहा है फैशन की सबसे खास बात यह है कि इस साल बेमेल या क्लेशिंग प्रिंट्स कैटवॉक पर वाकई काफी बड़े दिखाई दिए। यहां तक कि रंगों के नियम को तोड़ने के लिए इस बार डिजाइनरों ने लाल रंग के साथ हरा और नीले के साथ पीले रंग का प्रयोग कर ड्रामा क्रिएट किया है। प्रादा की तरह रनवे पर कैंडी स्ट्रिप प्रिंट या एटी में पिज्जाज में जीवंत फूलों को जोड़ा है यह विचार इसलिए बनाया गया ताकि कुछ भी मैच न कर सके। यह मिसमैच ही मैच करना है। चैक एनिमल और फ्लोरल प्रिंट इनमें से किसी को भी एक ही कपड़े पर एक साथ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता था लेकिन वॉश विंटेज फ्लॉवर पोल्का डॉट्स और गिंगम के साथ यह प्रयोग संभव हुआ है।cleshing

ड्रेसेस में झालर का उपयोग- हाल ही दिनों में आपने लहंगे कुर्ते और टॉप में दुप्पटो की जगह कैप का यूज़ देखा जिसे लोगो ने दिल से स्वीकार भी किया पर जैसे की लड़कियों का स्वाभाव एक ही तरह के कपडे ज्यादा समय तक नहीं पहन सकती इसलिए डिज़ाइनर ने अब कपड़ो में फ्रिंज़ के इस्तेमाल के बारे में सोचा है फ्रिंज यानी झालर का प्रयोग बड़ा है। यह ट्रेंड ७० के दशक में प्रयोग किया जाता था कि कपड़ों बैग शूज और पैंट पर भी अब झालर दिखाई दे रही हैं। इसकी खूबसूरती यह है कि फ्लैपर गर्ल आपको एफ स्कॉट फिटज़राल्ड और फेमस किताबत द ग्रेट गत्स्वी के युग में वापस ले जाती है।