जाने क्या है मी टू कैम्पेन

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हाल ही में मी टू कैम्पेन ने सोशल मीडिया पर जोर पकड़ा और हर जगह इस बारे में बाते हो रही है चाहे वो मीडिया हो जा सोशल नेटवर्क तो जानते है आखिर ये कैम्पेन है क्या – दरअसल ये सोशल मीडिया पर चलाया जाने वाला एक कैम्पेन है जिसमे वो महिलाए आपस में जुड़ रही है जिन्होंने कहीं न कहीं यौन उत्पीड़न का सामना किया हो , चाहे वो कोई बड़ी अभिनेत्री हो या आम महिला इस कैम्पेन के जरिए वो खुद के साथ हुए उत्पीड़न की बाते साझा कर रही है ।

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कब और कैसे शुरू हुआ- इसकी शुरुवात करीब १२ साल पहले अमेरिका की सामाजिक कार्यकर्ता टेरेना बर्क ने खुद के साथ हुए यौन शोषण का जिक्र करते हुए सबसे पहले इन शब्दों का इस्तेमाल किया। बहरहाल, बर्क की पहल का असर २०१७  में हुआ। हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन पर ५० से ज्यादा महिलाओं ने ३० साल के दौरान यौन शोषण के आरोप लगाए। हॉलीवुड एक्ट्रेस एलिसा मिलानो ने भी आरोप लगाए। इसी दौरान सोशल मीडिया पर किसी ने उन्हें टैग करते हुए लिखा कि वो #MeToo के जरिए अपनी बात रखे। मिलानो ने ऐसा ही किया। ३२ हजार से ज्यादा महिलाओं ने इस हैशटैग का उपयोग करते हुए अपनी आपबीती साझा की।

भारत में इन दिनों ये काफी चर्चित है क्योंकि पूर्व अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण को लेकर बयान दिए जिसे लेकर पूरा बॉलीवुड दो भागो में बंट गया कुछ लोग तनुश्री के इस कदम का समर्थन कर रहे वही कई लोग इसे सिरे से नकार रहे है इसी कड़ी में कंगना राणावत, सोनम कपूर, ट्विंकल खन्ना जैसी कई अभिनेत्रियों ने अपनी बात रखी जिसे #MeToo का नाम दिया गया है।

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प्रभाव- इस कैम्पेन का प्रभाव ये हुआ की कई महिलाए इसे लेकर सामने आई है ,इस गंभीर मुद्दे पर पहले लोग बात करने से बचते थे अब इस पर खुल कर बहस हो रही है जो की भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत है, इस तरह अपने खिलाफ होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा कर महिलाओ ने बता दिया है की अब वो किसी से डर कर नहीं रहने वाली अगर किसी ने कुछ गलत किया है तो उसे उसकी सजा भुगतनी होगी सभवतः इसके बाद महिलाओ के खिलाफ होने वाली हिंसा और उत्पीड़न में कमी आएगी।

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